देश तथा जाति का उपकार उसके बालक तभी कर सकते हैं, जब उन्हें उनकी भाषा द्वारा शिक्षा मिली हो। - पं. गिरधर शर्मा।
 
हिंदी (काव्य)       
Author:रोहित कुमार 'हैप्पी' | न्यूज़ीलैंड

हिंदी उनकी राजनीति है 
हिंदी इनका हथियार है
हिंदी कईयों का औज़ार है। 
हिंदी उनके लिए भाषण है
हिंदी इनके लिए जलसा है 
हिंदी कईयों का नारा है। 
जरा गिनो तो 
अनगनित
हिंदीवालों में से
कितनों को हिंदी से प्यार है?
जरा बताओ तो 
यह कैसा अनुराग है?

- रोहित कुमार 'हैप्पी'
  ई-मेल: editor@bharatdarshan.co.nz

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