देश तथा जाति का उपकार उसके बालक तभी कर सकते हैं, जब उन्हें उनकी भाषा द्वारा शिक्षा मिली हो। - पं. गिरधर शर्मा।
 
ज़िम्मेदारी (काव्य)       
Author:डॉ पुष्पा भारद्वाज-वुड | न्यूज़ीलैंड

सामाजिक असंगति
और
सामाजिक परम्परा इनमें कोई सम्बन्ध है?

सामाजिक परम्परा
जिसे हम जीवित रखने का भरसक प्रयास कर रहे हैं
पाश्चात्य परम्पराओं के लालच से बचते हुए
और
भावी पीढ़ियों को बचाते हुए।

सामाजिक असंगति का प्रमुख कारण है
सामाजिक परम्पराओं के बारे में जानकारी का अभाव
और
एक-दूसरे के प्रति अविश्वास।

परिणाम?
व्यक्तिगत रूप से स्वयं को अवांछित सोशल मिसफ़िट
और योगदान देने में असमर्थ महसूस करना।

यदि हमें इस असंगति के कारणों का बोध हो गया है
या
बोध हो रहा है तो उन कारणों को कैसे दूर किया जाए
और
उन्हें दूर करने की ज़िम्मेदारी किस की है?

--डा॰ पुष्पा भारद्वाज-वुड

Back
 
 
Post Comment
 
 
 
 

सब्स्क्रिप्शन

इस अंक में

 

इस अंक की समग्र सामग्री पढ़ें

 

 

सम्पर्क करें

आपका नाम
ई-मेल
संदेश