देशभाषा की उन्नति से ही देशोन्नति होती है। - सुधाकर द्विवेदी।

श्रवण राही | 6 जनवरी

6 जनवरी 1945 को उत्तर प्रदेश के एटा ज़िले के ग्राम सोरा में जन्मे श्रवण राही गीत की उस संवेदना के रचनाकार थे जो कहीं गहरे तक उतर कर हृदय में एक सिहरन पैदा कर जाती है।

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